हर बिटिया को ग्रेजुएशन तक पढ़ना जरूरी : अरविंद रस्तोगी

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने मीना मंच की बच्चियों के साथ देखी ‘बढ़ते बच्चे’ मूवी

श्रावस्ती। हर बच्ची को कम से कम ग्रेजुएशन तक पढ़ना आवश्यक है, ताकि वह इस प्रतिस्पर्धी दुनिया में अपना स्थान बना सके और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में योगदान दे सके। आज भी बच्चियों को बाल विवाह में झोंक देने की मानसिकता अत्यंत दुखद है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत ऐसा करने वाले माता-पिता के साथ-साथ विवाह में शामिल होने वाले तथा सेवाएँ प्रदान करने वाले सभी लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

यह बातें श्रावस्ती जनपद के जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद रस्तोगी ने विज्ञान फाउंडेशन द्वारा मीना दिवस पर मीना मंच के पॉवर एंजल्स से बात करते हुए कही। इस दौरान जिला पंचायत राज विभाग के परियोजना निदेशक , बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष विश्राम जी , बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक नीलम सिंह, विज्ञान फाउंडेशन के प्रमुख संदीप खरे सहित समस्त 5 प्रखंडों के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बने मीना मंच की 80 पॉवर एंजल्स एवं मीना मंच सुगमकर्ता उपस्थित थे।

इस दौरान सभी अधिकारियों ने बच्चों के साथ मिलकर बढ़ते बच्चे फ़िल्म देखी। यह फिल्म बाल विवाह, सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श, सहमति और सम्मान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित है, जिसे महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश पुलिस तथा ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया है। मीना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष विश्राम जी ने किशोर न्याय अधिनियम एवं पॉक्सो एक्ट के बारे में विस्तार से बताया । साथ ही उन्होंने कन्या सुमंगला योजना , मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया।

मीना मंच की पॉवर एंजल 13 वर्षीय रचना ने बताया कि हम अपने विद्यालय में मीना मंच की बैठक के दौरान यह चर्चा करते हैं कि हर बच्ची रोजाना स्कूल आये । यदि कोई बच्ची स्कूल नहीं आती और हमें पता लगता है कि उसकी शादी की बात शुरू ही गई है तो हम फ़ौरन मीना मंच की नोडल टीचर को सूचित करते हैं । फिर टीचर मैम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और प्रधान जी मिलकर उस बिटिया के परिवार से बात करके बाल विवाह रोकने में मदद करते हैं ।

समारोह के दौरान विज्ञान फाउंडेशन के प्रमुख संदीप खरे जी ने बताया कि कवच परियोजना के अंतर्गत श्रावस्ती के सभी प्रखण्डों एवं पंचायतों में बाल विवाह रोकने और बाल श्रम को खत्म करने के लिए कार्यरत हैं। मीना मंच जैसे बच्चों के प्लेटफार्म के माध्यम से हम जहाँ एक तरफ़ बाल विवाह चिन्हीकरण कर पाये हैं वहीं ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के माध्यम से उस विवाह को रोकने के प्रयास करते हैं । मिशन वात्सल्य के अंतर्गत बनी पंचायत स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति से लेकर ब्लॉक स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति एवं जिला स्तरीय समिति को मजबूती प्रदान करना हमारा लक्ष्य है। कार्यक्रम का संचालन श्रम विभाग के जिला परामर्शदाता राजेश कुमार ने किया ।


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