बारिश-वज्रपात के अलर्ट पर सरकार ने कसी कमर, अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश
लखनऊ। प्रदेश में बदलते मौसम और भारी बारिश, आंधी-वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए योगी सरकार ने आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट कर दिया है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शुक्रवार को रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मौसम की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रेड अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता : लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बस्ती, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत अन्य क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए अधिकारियों को लगातार सक्रिय रहने को कहा गया है।
बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में तैयारी: आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एवं राहत एजेंसियों को आवश्यकतानुसार तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आंधी-वज्रपात से बचाव पर जोर: राहत आयुक्त ने निर्देश दिए कि तेज आंधी और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों, बागों और पार्कों में जाने से रोका जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो। राहत और बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को सक्रिय रखते हुए जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के अनुसार जिलाधिकारी नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने विवेकाधिकार का प्रयोग कर स्कूल, कॉलेज और कम आवश्यक सेवाओं को बंद करने का निर्णय ले सकते हैं। प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार त्वरित निर्णय लेने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी बनाए रखने को कहा गया है।
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