राजेश्वरी व रामकरन के बाद अब मां-बेटे की हत्या
लखनऊ। निगोहां थाना क्षेत्र के शेखन खेड़ा गांव निवासी 44 वर्षीय राजेश्वरी की कुल्हाड़ी से काटकर पति राजेश रावत कर दी हत्या। यह मामला शांत भी नहीं पड़ा था कि मोहनलालगंज क्षेत्र स्थित खुजेहटा गांव निवासी 45 वर्षीय रामकरन की उसी के 17 वर्षीय बेटे लव कुश ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मौत की नींद सुला दिया। दोनों सनसनीखेज मामले में पुलिस नामजद कातिलों को खोज भी नहीं पाई थी कि मोहनलालगंज क्षेत्र में ही बदमाशों ने 50 वर्षीय रेशमा बानो और उसके 18 वर्षीय बेटे शादाब की गला कसकर मौत की नींद सुला दिया। 24 घंटों के भीतर हुई चार लोगों की हत्या से साफ हो गया है कि अब बदमाशों को पुलिस का खौफ नहीं रहा है।
इन घटनाओं ने हाईटेक पुलिस के सतर्कता के दावों के अलावा शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों को सीसीटीवी से लैस किए जाने के दावों की भी पोल खोल दी है। राजधानी लखनऊ में अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने तथा उन्हें दबोचने के लिए हर इलाके को सीसीटीवी कैमरों से लैस करने का दावा किया गया था। तत्कालीन अफसरों से लेकर वर्तमान पुलिस के आलाधिकारियों ने सभी थानेदारों को अपने-अपने इलाकों में कैमरे लगवाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। अफसरों का फरमान जारी होते ही अधीनस्थों ने अमल भी किया और गली-कूचों से लेकर प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए, लेकिन ऐसा लग रहा है कि इनमें से अधिकांश सीसीटीवी कैमरों को रतौंधी की बीमारी लग गई है यही वजह है कि अपना या फिर गैर घटनाओं को अंजाम देकर भाग निकलते हैं और सीसीटीवी कैमरे देखता रह जाता है। मोहनलालगंज क्षेत्र स्थित सिसेंडी गांव निवासी रेशमा बानो और उनके 18 वर्षीय बेटे शादाब को मारकर जिस तरह से फुर्र हुए उससे पुलिस के दावों की पोल खुल गई।
