लखनऊ। बंद पड़े मकानों को निशाना बनाने वाले गैंग के तीन शातिर चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी का माल भी बरामद किया है। आरोपी पेंटर और कारपेंटर का काम करने के बहाने इलाके में रेकी करते थे और बाद में बंद घरों में चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। एडीसीपी साउथ आर.पी. वसंत ने बताया कि बिजनौर इलाके में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए इंस्पेक्टर बिजनौर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई थी। मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सोमवार देर रात पीएम आवास योजना गेट नंबर-2 के सामने तिराहे से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
चोरी में शामिल आरोपियों की पहचान रवेंद्र कुमार गौतम उर्फ छोटू (27) निवासी दुर्गापुरम कॉलोनी, फरीदीपुर थाना ठाकुरगंज, सन्नी रावत उर्फ कालिया (25) निवासी ग्राम हंसखेड़ा थाना पारा और शिवा चौरसिया उर्फ जॉन (24) निवासी काशीराम कॉलोनी सदरौना, थाना पारा के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ थाना बिजनौर में दर्ज चार मुकदमों की जांच चल रही थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले ऑर्केस्ट्रा में काम करते थे, जहां उनकी दोस्ती हुई थी। इसके अलावा पेंटिंग और कारपेंटरी का काम करने के कारण उन्हें मकानों की स्थिति का पता लगाना आसान हो जाता था। तीनों आरोपी मोटरसाइकिल से बंद पड़े मकानों की रेकी करते थे। जब उन्हें यकीन हो जाता था कि घर में कोई नहीं है, तो ताला तोड़कर अंदर घुसते और कीमती सामान चोरी कर लेते थे।
चोरी के बाद आरोपी सामान बेचकर पैसे आपस में बांट लेते थे और कुछ समय के लिए लखनऊ छोड़कर अन्य जिलों में चले जाते थे। आरोपियों ने दो दिन में बिजनौर इलाके में तीन घटनाओं को अंजाम दिया। इसके बाद पत्नी के साथ मुंबई चले गए। तीनों की पत्नियां ऑर्केस्ट्रा में डांस करती हैं। रावेंद्र गैंग का लीडर है। रावेंद्र और शिवा जानकीपुरम थाने से अलग-अलग मामलों में जेल गए थे। दोनों करीब 6 महीने पहले छूटकर आए थे। इसके बाद फिर चोरी करने लगे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 25 लाख की सामान बरामद किया है।
चोरी में शामिल आरोपियों की पहचान रवेंद्र कुमार गौतम उर्फ छोटू (27) निवासी दुर्गापुरम कॉलोनी, फरीदीपुर थाना ठाकुरगंज, सन्नी रावत उर्फ कालिया (25) निवासी ग्राम हंसखेड़ा थाना पारा और शिवा चौरसिया उर्फ जॉन (24) निवासी काशीराम कॉलोनी सदरौना, थाना पारा के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ थाना बिजनौर में दर्ज चार मुकदमों की जांच चल रही थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले ऑर्केस्ट्रा में काम करते थे, जहां उनकी दोस्ती हुई थी। इसके अलावा पेंटिंग और कारपेंटरी का काम करने के कारण उन्हें मकानों की स्थिति का पता लगाना आसान हो जाता था। तीनों आरोपी मोटरसाइकिल से बंद पड़े मकानों की रेकी करते थे। जब उन्हें यकीन हो जाता था कि घर में कोई नहीं है, तो ताला तोड़कर अंदर घुसते और कीमती सामान चोरी कर लेते थे।
चोरी के बाद आरोपी सामान बेचकर पैसे आपस में बांट लेते थे और कुछ समय के लिए लखनऊ छोड़कर अन्य जिलों में चले जाते थे। आरोपियों ने दो दिन में बिजनौर इलाके में तीन घटनाओं को अंजाम दिया। इसके बाद पत्नी के साथ मुंबई चले गए। तीनों की पत्नियां ऑर्केस्ट्रा में डांस करती हैं। रावेंद्र गैंग का लीडर है। रावेंद्र और शिवा जानकीपुरम थाने से अलग-अलग मामलों में जेल गए थे। दोनों करीब 6 महीने पहले छूटकर आए थे। इसके बाद फिर चोरी करने लगे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 25 लाख की सामान बरामद किया है।
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