5 हजार से अधिक कर्मियों ने किया प्रदर्शन
लखनऊ। भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ के आह्वान पर मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में परिवहन निगम को बचाने और कर्मचारियों के हितों के संरक्षण की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया। उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में लखनऊ स्थित परिवहन निगम मुख्यालय पर प्रदेश के 20 क्षेत्रों से आए करीब 5 हजार से अधिक कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रबंध निदेशक के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में परिवहन निगम की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए करीब 2,000 करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज दिए जाने की मांग की गई। साथ ही नियमित कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भर्ती करने तथा लंबे समय से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी उठाई गई।
प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के प्रयासों से खटारा बसों को हटाकर नई बसें उपलब्ध कराई गई हैं तथा प्रदूषणमुक्त इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी बढ़ा है। उन्होंने संविदा एवं नियमित कर्मचारियों के वेतन-भत्तों में वृद्धि के लिए सरकार का आभार जताया।
ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार की नीति के तहत नए एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं, लेकिन उन पर बड़ी संख्या में छोटी बसें अवैध तरीके से संचालित होने से परिवहन निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीयकृत मार्गों का करीब तीन प्रतिशत हिस्सा ही निगम की बसों के लिए निर्धारित है। इससे निगम की यात्री संख्या प्रभावित होने के साथ आर्थिक नुकसान भी बढ़ रहा है।
संघ ने दावा किया कि तेल संकट के कारण परिवहन निगम पर करीब 400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा है। इसके चलते निगम की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है और करीब 55 हजार कर्मचारियों के भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। कर्मचारियों ने सरकार से निगम को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ वेतन एवं भत्तों के नियमित भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने संविदा कर्मचारियों की कथित गैरकानूनी कटौती बंद करने तथा आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था किए जाने की मांग भी उठाई। इसके अलावा परिवहन निगम के कर्मचारियों के लिए नियमावली तैयार करने और ईपीएफओ की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कर्मचारी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। महासंघ के अखिल भारतीय महामंत्री राजू भाटराव भालेराव ने परिवहन उद्योग को आम जनता के हित से जोड़ते हुए परिवहन सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रदर्शन के दौरान बताया गया कि मांगों के समर्थन में 18 नवंबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने निजी वाहनों की तरह परिवहन निगम की बसों पर अतिरिक्त कर कम करने तथा निगम पर बकाया अतिरिक्त कर के रूप में करीब 1,000 करोड़ रुपये की पूंजी अंशदान राशि माफ करने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी।
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