पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष जारी, खाड़ी में ड्रोन हमले

मोजतबा खामेनेई बने ईरान के सर्वोच्च नेता

इस्तांबुल/तेहरान/रियाद। पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच सऊदी अरब ने अपने प्रमुख तेल क्षेत्रों और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा कड़ी कर दी है। वहीं ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुन लिया गया है। तुर्किये की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलू के अनुसार सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने देश के दक्षिण-पूर्व में स्थित शायबा ऑयल फील्ड को निशाना बनाकर भेजे गए एक ड्रोन को मार गिराया। यह तेल क्षेत्र रब-अल-खली रेगिस्तान में स्थित है और सऊदी अरब के प्रमुख ऊर्जा केंद्रों में से एक माना जाता है। इसके अलावा राजधानी रियाद के उत्तर में भेजे गए दो अन्य ड्रोन को भी एयर डिफेंस सिस्टम ने रास्ते में ही नष्ट कर दिया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार प्रिंस सुल्तान एयर बेस की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी इंटरसेप्ट कर गिरा दिया गया।

सऊदी सिविल डिफेंस के मुताबिक हाल ही में सेंट्रल सऊदी अरब के अल-खार्ज गवर्नरेट में एक मेंटेनेंस और क्लीनिंग कंपनी के रिहायशी परिसर पर हुए हमले में एक भारतीय और एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हो गई, जबकि 12 बांग्लादेशी घायल हुए हैं। इस घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।उधर ईरानी हमलों के बाद बहरीन की ऊर्जा कंपनी बाप्को एनर्जीज ने स्थिति को अप्रत्याशित बताते हुए आपात योजना लागू कर दी है। कंपनी ने कहा है कि स्थानीय बाजार की जरूरतों को पूरा करने के लिए पहले से तय इमरजेंसी प्लान लागू किया गया है ताकि ईंधन की आपूर्ति पर कोई असर न पड़े। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने सहयोगियों और सरकारी संस्थाओं के साथ लगातार संपर्क में है और हालात पर नजर रखी जा रही है। इस पूरे तनाव की शुरूआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले से हुई थी। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत 1,200 से अधिक लोगों की मौत हुई और 10,000 से ज्यादा लोग घायल हुए।

इसके जवाब में ईरान ने इजराइल, इराक, जॉर्डन और खाड़ी क्षेत्र के उन ठिकानों की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं। तनाव के बढ़ते माहौल के बीच तुर्किये ने उत्तरी साइप्रस में सुरक्षा बढ़ाने के लिए छह एफ-16 लड़ाकू विमान और वायु रक्षा प्रणाली तैनात करने की घोषणा की है। तुर्किये के रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह कदम क्षेत्र में बदलते हालात को देखते हुए चरणबद्ध सुरक्षा योजना का हिस्सा है। हाल ही में साइप्रस में एक ब्रिटिश सैन्य अड्डे के पास ईरान में बना ड्रोन गिरने की घटना के बाद यूरोपीय देशों ने भी साइप्रस को अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। इस बीच ईरान की 88 सदस्यीय एक्सपर्ट्स असेंबली ने अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई को इस्लामी क्रांति का तीसरा सर्वोच्च नेता चुन लिया है।

तेहरान की तसनीम न्यूज एजेंसी के अनुसार असेंबली ने रविवार देर रात हुई बैठक में भारी बहुमत से यह फैसला लिया। मोजतबा खामेनेई अब ईरान की सेना और शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड के सर्वोच्च कमांडर भी होंगे। नए नेता के चयन पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि यह फैसला देश की एकता और शक्ति को मजबूत करेगा। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि मोजतबा खामेनेई उन्हें स्वीकार्य नहीं हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पश्चिम एशिया में जारी यह संघर्ष आने वाले दिनों में और जटिल रूप ले सकता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post