विकासनगर आग में जलकर खाक हुई 250 से अधिक गृहस्थी

आंसुओं और चीखों के बीच राख हुए सपने

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के विकासनगर इलाके में बुधवार शाम लगी भीषण आग ने सैकड़ों परिवारों की जिंदगी तबाह कर दी। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते 250 से अधिक झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। लोगों की पूरी गृहस्थी, जरूरी सामान और जीवनभर की जमा पूंजी पल भर में खाक हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी और दहशत का माहौल बन गया।

चिंगारी बनी विकराल आगप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग की शुरुआत विकासनगर सेक्टर-11 के पास एक देसी शराब के ठेके के आसपास हुई। शाम करीब पांच बजे उठी चिंगारी ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया और सेक्टर-11 से लेकर सेक्टर-14 तक फैली झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। हालात ऐसे हो गए कि लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सिलिंडर धमाकों ने बढ़ाई भयावहताझोपड़ियों में रखे गैस सिलिंडर आग की चपेट में आते ही एक के बाद एक फटने लगे। तेज धमाकों से पूरा इलाका दहल उठा। स्थानीय लोगों ने कई सिलिंडरों को बाहर निकालकर नाले में फेंकने की कोशिश की, लेकिन तब तक 50 से अधिक सिलिंडर फट चुके थे। इन धमाकों ने आग को और भी भयानक बना दिया, जिससे हालात पर काबू पाना मुश्किल हो गया।

घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद काबूघटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब 20 फायर टेंडरों ने लगातार तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक सैकड़ों परिवार बेघर हो चुके थे और उनका सब कुछ जल चुका था। लापता और घायलों को लेकर अलग-अलग दावेघटना के बाद पीड़ितों ने दावा किया कि झोपड़ियों में रहने वाले एक दिव्यांग समेत छह लोग लापता हैं और करीब दस लोग झुलस गए हैं। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी भी तरह की जनहानि या गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं की है। आग लगने के कारणों का भी स्पष्ट पता नहीं चल सका है, हालांकि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।

पथराव से बिगड़ा माहौलघटनास्थल पर बैरिकेडिंग के दौरान एक महिला को अंदर जाने से रोकने पर लोग आक्रोशित हो गए और पथराव कर दिया। इस दौरान सिविल डिफेंस के एक सदस्य समेत दो लोग मामूली रूप से घायल हो गए। बाद में पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और माहौल को शांत कराया। आग की चपेट में आए पशु भीआग की लपटों से झोपड़ियों के पास बंधे पशु भी नहीं बच सके। करीब 15 पशु झुलस गए, जिनमें से दो गायों को पशु चिकित्सालय भेजा गया। बाकी पशुओं को नगर निगम की देखरेख में सौंप दिया गया। देर रात तक चला रेस्क्यू और तलाश अभियानघटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एसडीआरएफ और अन्य बचाव टीमों को भी मौके पर बुला लिया। एंबुलेंस को तैनात किया गया और देर रात तक मलबे में लापता लोगों की तलाश जारी रही। राहत और बचाव कार्य लगातार चलता रहा।

बेघर लोगों के लिए शेल्टरप्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए शेल्टर होम में रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की, लेकिन कई लोग अपने जले हुए आशियाने के पास ही डटे रहे। वे अपने परिजनों और सामान की तलाश में सड़क किनारे और खाली प्लॉटों में बैठे नजर आए। पुलिस बार-बार उन्हें शेल्टर होम जाने के लिए कहती रही, लेकिन पीड़ित अपने घरों की ओर लौटने की कोशिश करते रहे। सरकार ने दिए मदद के निर्देशघटना पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post