व्यावसायिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य पर चर्चा का आयोजन संपन्न

  • व्यावसायिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य की उपेक्षा कर रही है सरकारें : संजीव सिन्हा
  • आमजन और ग़रीब के सुचारू इलाज़ की चिंता करे सरकार : डॉ एस पी पांडेय

लखनऊ। जन स्वास्थ्य अभियान , उत्तर प्रदेश विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर व्यवसायिक एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य प्रभाव को लेकर 1 अप्रैल 2026 से एक सप्ताह का प्रदेशव्यापी अभियान चला रहा है। इसी कार्यक्रम के अभियान के अंतर्गत जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया की उत्तरपदेश इकाई द्वारा उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक व्यवसायिक एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य पर प्रभाव को लेकर एक परिचर्चा आयोजित की गई । इस परिचर्चा में डॉ एस पी पांडेय, संजीव सिन्हा, प्रीति राय, डॉ प्रीति श्रीवास्तव, अजय शर्मा, जितेंद्र पांडेय, एम एच यू अंसारी, डॉ राकेश निगम, अतुल तिवारी, मीताश्री, दयानंद तिवारी, कावेरी, मनीष, विमला रावत, आलोक कुमार, आदि प्रमुख वक्ता शामिल हुये।

उक्त परिचर्चा में अपनी बात रखते हुये जन स्वास्थ्य अभियान उत्तर प्रदेश के संयोजक संजीव सिन्हा ने व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण स्वास्थ्य पर वर्तमान समय के प्र्मूख मुद्दों पर चर्चा करते हुये बताया कि व्यसायिक स्वास्थ्य आज पूरी तरह से उपेक्षित है और बड़ी संख्या में मजदूर सिलिकोसिस और अन्य कई बीमारियों से पीड़ित हो रहे है, परंतु सरकार का ध्यान इस ओर नहीं है। उन्होने बताया कि ने बताया कि खनन सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) द्वारा 10 अप्रैल 2017 माननीय सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत शपथ पत्र के अनुसार, उत्तरप्रदेश में 6916 मजदूर सीलीकोसिस से प्रभावित हैं, जो एक गंभीर व्यावसायिक रोग है और श्रमिकों के जीवन के लिए अत्यंत घातक सिद्ध हो रहा है।

जन स्वास्थ्य अभियान उत्तर प्रदेश के जितेन्द्र पांडेय ने अपनी बात रखते हुये बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी “खतरनाक और अन्य अपशिष्टों के उत्पादन और प्रबंधन पर राष्ट्रीय इन्वेंट्री (2022-23)” के अनुसार, देशभर में 83,682 इकाइयाँ खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करती हैं, जबकि उत्तरप्रदेश में ऐसी 2879 इकाइयाँ हैं, जो लोगों स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। जन स्वास्थ्य अभियान उत्तर प्रदेश के डॉ प्रीति श्रीवास्तव और अजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सिलिकोसिस से पीड़ित मजदूरों की काफ़ी संख्या है लेकिन सरकार इन मजदूरों के अधिकार के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है ।

जन स्वास्थ्य अभियान उत्तर प्रदेश की प्रीति राय ने परिचर्चा में कहा कि इस अभियान को हम राज्य में अन्य जिलों में ले जाएंगे। आज की इस परिचर्चा मेंउपस्थित जन स्वास्थ्य अभियान उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ एस पी पांडेय ने सरकार से मांग की कि सरकार आमजन और ग़रीब लोगों के स्वास्थ्य की चिंता करें, जिससे सभी जरूरत मंद को उचित और गुणवत्ता पूर्ण इलाज़ दिया जा सके। उपस्थित सभी लोगों ने जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया द्वारा जारी मांग पत्र और अभियान द्वारा पर्यावरणीय और व्यावसायिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर जन जागरूकता के लिए जारी किया गया पर्चा भी वितरित किया गया।

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