अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बच्चों के साथ संवाद कार्यक्रम सम्पन्न

लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान जी की अध्यक्षता में राज्य महिला आयोग के कार्यालय, लखनऊ में बच्चों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विज्ञान फाउंडेशन द्वारा किया गया, जिसमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए 50 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य, समान अवसर एवं सशक्तीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा बच्चों की समस्याओं, विचारों और अपेक्षाओं को समझना था। इस संवाद कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को अपनी बात खुलकर रखने, अपने अनुभव साझा करने तथा अपने बाल अधिकारों के प्रति जागरूक करना था ।

बच्चों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं एवं विचारों को सुना: कार्यक्रम के दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान जी ने बच्चों से संवाद स्थापित किया तथा उनकी बातों, विचारों और अनुभवों को सुना। संवाद के माध्यम से बच्चों की आवश्यकताओं, उनकी समस्याओं तथा शिक्षा, सुरक्षा और व्यक्तिगत विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने पर जोर दिया गया।

डॉ. बबीता सिंह चौहान जी ने बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें अपनी बात रखने का अवसर देने, उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने तथा उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में बच्चों की सहभागिता ने उनके विचारों और अपेक्षाओं को समझने के लिए संवाद की उपयोगिता को सामने रखा।

बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य का संदेश: अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता को रेखांकित किया। बालिकाओं की प्रतिभा को पहचानना, उनकी आकांक्षाओं का सम्मान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना एक सशक्त एवं समावेशी समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान जी की अध्यक्षता में तथा विज्ञान फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से शामिल हुए 50 किशोरियों ने सहभाग किया। इस अवसर पर डॉ बबीता सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षा एक ऐसा सशक्त माध्यम है जिससे आप लोग आगे बढ़ते हुए अपना भविष्य बदल सकते है आपको हर समय यह सोचते रहने चाहिए कि जिन समस्याओ का सामना हमारी माँ, बहन कर रही है उससे उबरने के लिए लगातार मेहनत करने की जरूरत है। कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, उनकी समस्याओं को समझने और उनके सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा।

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