खाड़ी के आसमान में मिसाइलों की बारिश

तीन शर्तों पर जंग रोकने को तैयार ईरान, 13वें दिन हालात गंभीर

तेहरान/तेल अवीव/वाशिंगटन। ईरान, इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी सैन्य संघर्ष गुरुवार को 13वें दिन और तेज हो गया। 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग की लपटें अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैलती दिखाई दे रही हैं। लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों से पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने युद्ध रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने तीन शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा कि यदि ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता दी जाए, युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की जाए और भविष्य में हमले न होने की अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिले, तो ईरान तत्काल प्रभाव से युद्ध रोकने को तैयार है। पेजेशकियन ने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत की इच्छा को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।

दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से फिलहाल तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने केंटकी में एक रैली में कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान में अमेरिका बढ़त बना चुका है, लेकिन मिशन पूरा होने तक लड़ाई जारी रहेगी। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने संसद को बताया कि युद्ध के शुरूआती छह दिनों में अमेरिका ने करीब 11.3 अरब डॉलर खर्च कर दिए हैं। इसमें लगभग पांच अरब डॉलर हथियारों और गोला-बारूद पर खर्च हुए। युद्ध के फैलते दायरे के बीच इराक के एरबिल शहर में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और एरबिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास शक्तिशाली विस्फोट हुआ। रिपोर्टों के अनुसार इलाके में धुआं उठता देखा गया। इससे पहले इराक के समुद्री क्षेत्र में ईरानी ड्रोन ने दो विदेशी तेल टैंकरों को निशाना बनाया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 38 लोगों को बचा लिया गया। इसी दौरान सऊदी अरब ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने पूर्वी हिस्से में 20 से अधिक ड्रोन मार गिराए। बहरीन के उत्तरी मुहर्रक क्षेत्र में एक ईंधन टैंक को निशाना बनाए जाने की भी खबर है।

संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन खतरों का जवाब दे रहे हैं। दुबई में क्रीक हार्बर के पास एक इमारत पर ड्रोन गिरने से मामूली आग लग गई, जिसे जल्द बुझा लिया गया। ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह ने भी संघर्ष को और तेज करते हुए इजराइल पर कम से कम 150 रॉकेट दागे। यह हमला 28 फरवरी से जारी युद्ध का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। इसके जवाब में इजराइल डिफेंस फोर्सेज ने बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हवाई हमले किए। हमलों के दौरान उत्तरी इजराइल के कई इलाकों में सायरन बजाए गए और लाखों लोग सुरक्षा शरणस्थलों की ओर भागे। इजराइली अधिकारियों के अनुसार कई रॉकेट इंटरसेप्ट कर दिए गए, हालांकि कुछ स्थानों पर आग लगने और दो लोगों के घायल होने की खबर है।

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