पत्रकारिता से मिलती है लोकतंत्र को मजबूती : योगी

मुख्यमंत्री गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित हुए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि पत्रकारिता ने विपरीत परिस्थितियों में भी भारत और भारत के लोकतंत्र को मजबूती प्रदान की है। लोकतंत्र संवाद से चलता है और संवाद में आलोचना हो सकती है, लेकिन उस आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मानना चाहिए। जब हम शुद्ध मनःस्थिति में कार्य करते हैं, तो बेहतर परिणाम मिलते हैं। पत्रकारिता समाज का आईंना होती है। पत्रकारिता जिस दृष्टि से समाज के मुद्दों को प्रस्तुत करती है, समाज उसी दृष्टि से उसे समझता है। जनविश्वास का प्रतीक बने रहने के लिए आवश्यक है कि वास्तविक स्थिति और आपकी मनःस्थिति में दो अलग-अलग भाव नहीं होने चाहिए, क्योंकि वह कहीं न कहीं जनविश्वास पर एक कुठाराघात होता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पत्रकारिता के अलग-अलग आयामों प्रिंट मीडिया, विजुअल मीडिया, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के बीच परस्पर समन्वय होना आवश्यक है। यदि किसी एक ही तथ्य को मीडिया के अलग-अलग आयाम भिन्न-भिन्न तरीके और दृष्टिकोण से प्रस्तुत करेंगे तो आमजनमानस के सामने कन्फ्यूजन की स्थिति होगी। ऐसी स्थिति मीडिया के प्रति जनविश्वास को भी प्रभावित करेगी। इसलिए यह आवश्यक है कि मीडिया के सभी अंग समान मानक, मूल्यों और आदर्शों के अनुरूप आगे बढ़ें।

सीएम योगी सोमवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज पत्रकारिता में विभिन्न प्रकार की चुनौतियां हैं। पत्रकारिता में प्रिंट मीडिया, विजुअल मीडिया, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के स्वरूप हैं। आज परिवारों में प्रत्येक सदस्य का रूझान मीडिया के अलग अलग रूपों में रहता है। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता के सभी रूपों को समग्रता के साथ जोड़ने की आवश्यकता है। प्रिंट मीडिया, विजुअल मीडिया के अपने कुछ मानक हैं, अपनी आचार संहिता है। पर, सोशल मीडिया को अभी इससे जोड़ना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है। संवाद में आलोचना हो सकती है किन्तु इस आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मनाना चाहिए। जब हम एक सूत्र की मनोस्थिति से कार्य करते हैं तो सदैव सार्थक परिणाम सामने आते हैं। सीएम योगी ने कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना होता है। पत्रकारिता जिस दृष्टि से समाज के मुद्दो को प्रस्तुत करता है, समाज उसी दृष्टि से उसे समझता है। पत्रकारिता को जन विश्वास प्रतीक के रूप में बने रहने के लिए सही और गलत के प्रति एक भाव में रहना चाहिए। पत्रकारिता में किसी भी मुद्दे पर दो भाव नहीं होने चाहिए, क्योंकि यह भाव जन विश्वास पर कुठाराघात करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी पत्रकारिता ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूती दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष हिन्दी पत्रकारिता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि 200 वर्ष पहले हिन्दी पत्रकारिता की शुरूआत 30 मई 1826 को कोलकता से हुई थी। 30 मई 1826 को जुगुल किशोर शुक्ल ने हिन्दी के पहले समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड का शुभारम्भ किया था। जब उन्होंने पत्र निकाला तब देश गुलाम था। उन्होंने देश की आजादी के स्वर को तेज करने के लिए पत्रकारिता को माध्यम बनाया था। 200 वर्ष से बिना रूके, बिना थके, बिना डिगे पत्रकारिता की शानदार यात्रा आगे बढ़ रही है।

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