मुख्यमंत्री ने 817 करोड़ की 314 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास
लखीमपुर खीरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी में थारू जनजाति और अन्य प्रभावित परिवारों को बड़ी सौगात देते हुए हजारों लोगों को भू-अधिकार पत्र वितरित किए। चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने नदियों के कटान से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2350 परिवारों और थारू जनजाति के 4356 परिवारों को जमीन के स्वामित्व का अधिकार दिया। इसके साथ ही पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्रों में 817 करोड़ रुपये की 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम अधिकार से आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार को अधिकार दिया है, इसलिए सरकार जनता को उसका अधिकार पत्र दे रही है। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक इन परिवारों को उनके अधिकार से वंचित रखा गया, जबकि उनकी तीन-तीन पीढ़ियां गुजर गईं।
सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों और थारू समाज को लंबे समय तक जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला। 1976 में थारू समाज को जमीन देने की बात कही गई थी, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि आज डबल इंजन सरकार ने यह ऐतिहासिक कार्य पूरा किया है। 4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर और 2350 अन्य परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि का अधिकार दिया गया है। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने माफिया और गुंडों को संरक्षण दिया और गरीबों के अधिकारों का हनन किया। उन्होंने ऐलान किया कि थारू समाज के जिन लोगों पर पूर्ववर्ती सरकार में मुकदमे दर्ज किए गए थे, उन्हें वापस लिया जाएगा। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि माफिया बनने का प्रयास करने वालों को मिट्टी में मिलने के लिए तैयार रहना चाहिए। सरकार किसी भी हाल में माफिया को पनपने नहीं देगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने थारू समाज की सांस्कृतिक प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि उनकी संस्कृति और परंपराएं देश की धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार थारू समाज को लाभार्थी से उद्यमी बनाने की दिशा में काम कर रही है। खीरी में स्थापित थारू हस्तशिल्प कंपनी इसके उदाहरण के रूप में सामने आई है, जो उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले विकास केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित था, लेकिन अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में समान रूप से विकास हो रहा है। उन्होंने गोला गोकर्णनाथ में कॉरिडोर निर्माण, मेडिकल कॉलेज की स्थापना, शारदा नदी की ड्रेजिंग और एयर कनेक्टिविटी जैसे कार्यों को गिनाया।
किसानों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नुकसान का सर्वे कर शीघ्र मुआवजा दिया जाए। फसल बीमा योजना और आपदा राहत कोष के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की परिकल्पना को साकार करना है, जिसमें हर गरीब, किसान, नौजवान और गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश में अब दंगा, माफिया और कर्फ्यू के लिए कोई जगह नहीं है, बल्कि विकास और सुशासन ही नई पहचान बनेगा।
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