सेंट मैरिज कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा भव्य, सुसंस्कृत एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुति का भव्य आयोजन किया गया

लखनऊ। सेंट मैरीज़ इंटर कॉलेज, सेक्टर–14, इन्दिरा नगर में शनिवार को कक्षा 3, 4 एवं 5 के विद्यार्थियों द्वारा एक भव्य, सुसंस्कृत एवं ज्ञानवर्धक कक्षा प्रस्तुति का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक एवं मुख्य अतिथि गौरव शुक्ला की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और भी बढ़ा दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों द्वारा प्रस्तुत “फोर्सेज़ एवरीवेयर” विषयक रोचक प्रस्तुति से हुआ, जिसमें दैनिक जीवन में कार्य करने वाली विभिन्न शक्तियों को सरल, सजीव एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात ‘साहित्य समागम’ में संत कवि सूरदास, कबीरदास एवं तुलसीदास के दोहों का मधुर गायन किया गया तथा उनके भावार्थ को बच्चों ने अत्यंत आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ समझाया, जिससे श्रोता भाव-विभोर हो उठे।

इसके बाद विद्यार्थियों ने दर्शकों को जादुई ब्रह्मांड की सैर कराई, जहाँ सूर्य एवं ग्रहों से संबंधित रोचक तथ्यों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया। गणित को दैनिक जीवन से जोड़ते हुए, बच्चों ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह बताया कि एटीएम से धन निकासी हो या दिशा-निर्देशन के लिए जीपीएस का उपयोग—हर क्षेत्र में गणित का महत्वपूर्ण योगदान है। कार्यक्रम में रियल लाइफ हीरोज़ एवं परीकथाओं के सुपरहीरोज़ पर आधारित मनमोहक अभिनय ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। वहीं बच्चों की स्केटिंग प्रस्तुति ने समस्त सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया। कार्यक्रम का केंद्र आकर्षण रहा ‘महा अवतार नरसिंह’ पर आधारित सशक्त एवं भावपूर्ण प्रस्तुति, जिसके माध्यम से बच्चों को अपनी संस्कृति, धर्म एवं होलिका दहन की पावन कथा से जुड़े रहने का संदेश दिया गया। यह प्रस्तुति दर्शकों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और स्मरणीय रही। पूरा समागमन स्थल भावनाओं, ज्ञान और संस्कारों का एक सुंदर समन्वय बन गया, जहाँ बच्चों की प्रतिभा, शिक्षकों की मेहनत और विद्यालय की सुदृढ़ शैक्षिक दृष्टि स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। प्रत्येक प्रस्तुति में विषयों की गहराई, रचनात्मकता और आत्मविश्वास ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक गौरव शुक्ला ने कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्या शालू कपूर को विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनके दूरदर्शी मार्गदर्शन, कुशल नेतृत्व एवं प्रेरणादायक दिशा-निर्देशन के कारण ही शिक्षकगण एवं विद्यार्थी इतनी सशक्त, अनुशासित और प्रभावशाली प्रस्तुति देने में सफल रहे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानाचार्या के सतत प्रयासों से विद्यालय में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ संस्कारों का सुंदर समावेश देखने को मिलता है। निदेशक ने शिक्षकों की टीम भावना तथा बच्चों के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की सशक्त नींव रखते हैं और विद्यालय को निरंतर नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर करते हैं। कार्यक्रम का समापन गर्व, आनंद एवं प्रेरणा के भाव के साथ हुआ।

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